Monday, August 22, 2011

कृष्ण जन्माष्टमी


विनय बिहारी सिंह



आप सबको कृष्ण जन्माष्टमी पर ढेरों शुभकामनाएं। सचमुच भगवान कृष्ण का जन्मदिन मनाना सुख के सागर में हिलोरें लगाना है। कृष्ण भगवान के पूर्ण अवतार हैं। कहा गया है कि जिस अवतार में सोलह कलाएं हों या सोलह विशिष्ट गुण हों वह पूर्ण अवतार होते हैं। मुझे उन सोलह गुणों की जानकारी नहीं है। लेकिन धर्म ग्रंथों से यह स्पष्ट है कि कृष्ण पूर्ण अवतार थे। वे प्रेम के उच्चतम प्रतीक हैं। राधा भी प्रेम की उच्चतम अभिव्यक्ति हैं। इसीलिए राधाकृष्ण एक साथ कहा जाता है। परमहंस योगानंद जी ने कहा है- यदि आपको भगवान के प्रेम का एक लघु अंश भी मिल जाए तो आप पूरी तरह रूपांतरित हो जाएंगे। फिर उन्होंने कहा है- लेकिन यह प्रेम आपको मिला हुआ है। बस उसे महसूस करना है। जिस क्षण आपने भगवान के प्रेम का आस्वादन कर लिया फिर तो आपको कुछ भी अच्छा नहीं लगेगा। भगवान के प्रेम का पहला उदाहरण देखिए। कंस ने माता देवकी को जेल में डाल दिया था। कंस देवकी के हर बच्चे की हत्या कर देता था। माता के सामने ही। लेकिन अपने जन्म के पहले माता देवकी को भगवान कृष्ण ने चतुर्भुज रूप में दर्शन दिया। चतुर्भुज- एक- एक हाथ में शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण किए हुए। जब भगवान का जन्म हुआ तो सारे पहरेदार या कहें सिक्यूरिटी गार्डों को गहरी नींद आ गई। वे ड्यूटी नहीं कर सके। जहां ड्यूटी कर रहे थे, वहीं सो गए। बहुत कड़ा पहरा था, लेकिन सभी पहरेदार गहरी नींद में सो गए। पहरेदारों की पहरेदारी करने वाला भी सो गया। जेल के सभी द्वारों के ताले अपने आप खुल गए। और भगवान को सुरक्षित यमुना के उस पार माता यशोदा की गोद में पहुंचा दिया गया। भगवान ने योगमाया से बाधा डालने वालों को नींद की गोद में सुला दिया। ताला अपने आप खुल गए।
हमारे भीतर भी जब भगवान कृष्ण जन्म लेंगे तो हमारे बंधन रूपी ताले अपने आप खुल जाएंगे। हमारे कष्ट, हमारे दुख और तनाव या परेशानियां अपने आप दूर हो जाएंगी। यह भगवान कृष्ण का वादा है- लेकिन एक ही शर्त है। शर्त है- भगवान कृष्ण को अनन्य भाव से प्रेम करना होगा। उनकी भक्ति करनी होगी। गीता में उन्होंने कहा ही है- मैं अपने भक्तों का योग, क्षेम खुद वहन करता हूं। उनके सारे कष्टों को दूर करता हूं। उनसे प्रेम करता हूं। जिनके भीतर भगवान का जन्म हो चुका है, वे इस बात को महसूस करते हैं और इसकी गवाही देते हैं।

6 comments:

pankaj vyas said...

jai shri krishana

चैतन्य शर्मा said...

प्यारी पोस्ट ..... जन्माष्टमी की ढेर सारी बधाइयाँ... शुभकामनायें आपको

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

कल 07/08/2012 को आपकी यह पोस्ट (विभा रानी श्रीवास्तव जी की प्रस्तुति में) http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनायें .... अच्छी पोस्ट

वन्दना said...

कितना सुन्दर और सटीक विश्लेषण किया है कि मै तो निशब्द हो गयी …………

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की सादर बधाईयाँ.