Monday, March 15, 2010

पृथ्वी पर एक तारे का पड़ रहा है दुष्प्रभाव

विनय बिहारी सिंह



वैग्यानिकों ने दावा किया है कि एक अदृश्य तारा जो वृहस्पति ग्रह से पांच गुना बड़ा है हमारी पृथ्वी के लिए घातक पुच्छल तारे छोड़ रहा है। इसका नाम नेमेसिस दिया गया है। इसका प्रभाव एक उदाहरण से समझा जा सकता है। आज २६ मिलियन वर्षों पहले इसी तरह के प्रभाव से उस समय डायनासोर जैसे जीव लगातार मरते गए और उनका अस्तित्व समाप्त हो गया। इसे वैग्यानिक डेथ स्टार कह रहे हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक यह तारा आकाशमंडल में लगातार स्पिन कर रहा है यानी गोल गोल घूम रहा है। इसका गुरुत्वाकर्षण बर्फ के टुकड़ों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यही बर्फ के गोले पृथ्वी की तरफ आ रहे हैं और पृथ्वी के कुछ जीवों को मार रहे हैं। जैसे आज से लाखों साल पहले स्टेराएड्स के कारण डायनासोर मारे गए थे। यूनिवर्सिटी आफ ल्यूसीनिया के जॉन मेटीज ने कहा है कि ये बर्फ के गोले दरअसल नेमेसिस के पुच्छल तारे ही हैं। अब नासा के वैग्यानिक इस नेमेसिस नामक तारे के बारे में और ज्यादा जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। इतने दिनों से इस तारे के बारे में वैग्यानिक नहीं जान सके थे। लेकिन अब इसके खतरनाक परिणामों के कारण वे इसमें रुचि ले रहे हैं ताकि पृथ्वी के लुप्त हो रहे जीवों की रक्षा की जा सके।

3 comments:

Arvind Mishra said...

स्टेरायड्स के कारण डायनासोर मारे गये थे -बात कुछ समझ में नहीं आयी -कहीं आपका आशय मीटीओराईट्स से तो नही है ?

vinay bihari singh said...

haan bhai aevind ji. aap theek kah rahe hain.

vinay bihari singh said...

sorry arvind ji. aapka naam galat type ho gaya. mere upar kaam- kaaj ka dabav ajkal kuchh jyaada hi hai. isi liye jaldi me type kar raha hoon. aap to jaante hi hain ki jaldi ka kaam kasa hota hai.