Friday, September 16, 2011

कणाद ऋषि

विनय बिहारी सिंह



कणाद ऋषि, विश्व के पहले संत थे जिन्होंने बताया था कि प्रत्येक वस्तु या जीव अणुओं से बना है।

यानी मालीक्यूल की पहली थ्योरी कणाद ऋषि ने बताई थी। वे वैशेषिक दर्शन के जनक थे। भारत में ऋषियों ने छह दर्शन या फिलासफी को जन्म दिया। १- पूर्व मीमांसा (जैमिनी ऋषि)२- उत्तर मीमांसा (वेद व्यास) ३- सांख्य (कपिल मुनि) ४- योग (पातंजलि ऋषि) ५- न्याय (गौतम ऋषि) और ६- वैशेषिक (कणाद ऋषि)।
कणाद ऋषि ने कहा कि अणुओं को औऱ भी छोटे- परमाणुओं में विभाजित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मन और आत्मा क्या है। मन जब ईश्वर पर एकाग्रचित्त होता है तो वह ईश्वरमय हो जाता है और यहीं से ईश्वरप्राप्ति का मार्ग खुलता है। उन्होंने बताया कि मनुष्य का शरीर कैसे ब्रह्मांड की तरह है। कैसे एकाग्रचित्त हो कर ब्रह्मांड के परे ईश्वर से संपर्क किया जा सकता है। मुख्य वस्तु है कन्सन्ट्रेशन- ईश्वर पर एकाग्रचित्त होना। हमारे एक परमाणु में हमारे मुख्य तत्व समाहित रहते हैं। इन्हीं परमाणुओं को ईश्वरीय स्पंदन में रखने के लिए ध्यान आवश्यक है- ईश्वर की भक्ति । गहरी एकाग्रता से ही ईश्वर मिलते हैं।

1 comment:

जय आर्य जय आर्यावर्त said...

जीव किसी कण से नहीं बना है अपितु उसकी स्वतंत्र सत्ता है शरीर का ही केवल भौतिक तत्वों से निर्माण हुआ है