Wednesday, August 8, 2012

रैदास के पद


प्रभु जी तुम संगति सरन तिहारी।जग-जीवन राम मुरारी॥ गली-गली को जल बहि आयो, सुरसरि जाय समायो। संगति के परताप महातम, नाम गंगोदक पायो॥ स्वाति बूँद बरसे फनि ऊपर, सोई विष होइ जाई। ओही बूँद कै मोती निपजै, संगति की अधिकाई॥ तुम चंदन हम रेंड बापुरे, निकट तुम्हारे आसा। संगति के परताप महातम, आवै बास सुबासा॥ जाति भी ओछी, करम भी ओछा, ओछा कसब हमारा। नीचे से प्रभु ऊँच कियो है, कहि 'रैदास चमारा॥

Friday, August 3, 2012

रहीम के दोहे


तन रहीम है कर्म बस, मन राखो ओहि ओर। जल में उल्टी नाव ज्यों, खैंचत गुन के जोर।।2।। अर्थ : कविवर रहीम कहते हैं कि अपना शरीर तो कर्म के फल के नियंत्रण में है पर मन को भगवान की भक्ति में लीन रखा जा सकता है। जैसे जल में उल्टी नाव को रस्सी से खींचा जाता है वैसे ही मन को भी खींचना चाहिए। रहिमन वहां न जाइये, जहां कपट को हेत। हम तन ढारत ढेकुली, संचित अपनी खेत।।3।। अर्थ: कविवर रहीम कहते हैं कि उस स्थान पर बिल्कुल न जायें जहां कपट होने की संभावना हो। कपटी आदमी हमारे शरीर के खून को पानी की तरह चूस कर अपना खेत जोतता है/अपना स्वार्थ सिद्ध करता है।

Wednesday, August 1, 2012

कबीर के पद


रहना नहीं देस बिराना है। यह संसार कागद की पुडि़या, बूँद पड़े घुल जाना है। यह संसार कॉंट की बाड़ी, उलझ-पुलझ मरि जाना है। यह संसार झाड़ और झॉंखर, आग लगे बरि जाना है। कहत कबीर सुनो भाई साधो, सतगुरू नाम ठिकाना है।

Tuesday, July 3, 2012


गुरु पूर्णिमा पर आप सबको हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर आप सबके जीवन में खुशियां लाएं।

Thursday, June 28, 2012

हरि को भजे सो हरि के होई


संतों ने कहा है कि जो हृदय से भगवान का नाम लेते हैं वे उनके अपने हो जाते हैं। यानी भगवान में उनका लय हो जाता है। वे भगवानमय हो जाते हैं। भगवानमय यानी आनंदमय हो जाते हैं। भगवान की कृपा ही ऐसी है।

Monday, April 30, 2012


मित्रों बची हुई कटी उंगली की हड्डी निकालने के लिए दुबारा आपरेशन कराना पड़ा। इसे स्वस्थ होने में एक महीने लगेंगे। ईश्वर इसे जल्दी स्वस्थ करें। आपका- विनय बिहारी सिंह

Wednesday, March 7, 2012

मित्रों, वाराणसी में एक रिश्तेदारी में शादी वाले दिन लोहे का गेट बंद करते समय मेरी बाएं हाथ की तर्जनी उंगली का ऊपरी पोर कट कर अलग हो गया है। दुबारा जुड़ नहीं पाया। वह उंगली अब बिना नाखून वाली हो गई है। ईश्वर की कृपा से महीने भर में उंगली स्वस्थ हो जाएगी।
कृपया फिलहाल पुराने लेखों का आनंद उठाएं।

आपका-

विनय बिहारी सिंह